gulaab

rose serbet

मेरा… गुलाब शरबत… और..नूरजहां…

एक समय की बात है… दिल्ली की एक…सिंदूरी… सांझ थी.. बादशाह जहांगीर सम्राज्ञी .. नूरजहां के साथ अपने गुलाबों के बाग में टहल रहे थे… गुलाबी और नारंगी …आसमान की रंगत धीमे-धीमे फीकी पड़ती जा रही थी….किले की.. प्राचीर सेअरूण भी थकान से चूर हो कर मंद गति से भगवान भास्कर के रथ को ..अस्ताचल …

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